Neuroscience & Yoga 6 min read 245 Views

योग निंद्रा का न्यूरोसाइंस: कैसे चेतनावस्था की नींद लत ग्रस्त मस्तिष्क को रिसेट करती है

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Dr. Ravi Kumar (MD)
Yog Nidra Clinical Editorial Board

जब कोई व्यक्ति नशा छोड़ने का प्रयास करता है, तो सबसे बड़ी चुनौती मस्तिष्क के न्यूरोट्रांसमीटर्स का असंतुलन होती है। मन निरंतर बेचैन और भयभीत रहता है।

योग निंद्रा वेगस नर्व को सक्रिय करके पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम को जाग्रत करती है। जब व्यक्ति शरीर, श्वास और संवेदनाओं का साक्षी बनता है, तो मस्तिष्क में अल्फा और डेल्टा तरंगें प्रवाहित होने लगती हैं।

इस स्थिति में लिया गया "संकल्प" सीधे अचेतन मन में स्थापित होकर नशीले पदार्थों की मानसिक लालसा को हमेशा के लिए समाप्त कर देता है।

चिकित्सीय अस्वीकरण (Medical Disclaimer): यह वेबसाइट केवल जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से है। यह किसी प्रत्यक्ष आपातकालीन अस्पताल सेवा का विकल्प नहीं है। गंभीर स्थिति में तुरंत नजदीकी आपातकालीन केंद्र पर संपर्क करें।

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